भारी बरसात, दुर्गम रास्ता फिर भी नहीं रुके श्रद्धालुओं के कदम, कंधों पर निकली बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा जी की सवारी

हिमाचल में देवी-देवताओं के कई सारे प्राचीन स्थल हैं. सोमवार को Social Media पर सराज घाटी के बड़ादेव भगवान विष्णु मतलोड़ा की एक विडियो वायरल हो रही है, जिसमें कारदार और श्रद्धालु बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा को भारी बरसात में ढिंगडी खड्ड के बीचोंबीच कंधे पर उठाकर ले जाते नजर आए हैं. इसी बीच रास्ते में ढिंगडी खड्ड जो कि लगभग 4 फुट गहरी 22 फुट लंबी थी, उस खड्ड को कारदारों व श्रद्धालुओं ने पार करके भगवान विष्णु मतलोड़ा को उनके गंतव्य तक पहुंचाया.

मंडी. हिमाचल देवी-देवताओं की भूमि है और यहां के लोगों कीे देवी-देवताओं के प्रति आस्था बहुत है. ये लोग हिंदू धर्म को बहुत ज्यादा मानते हैं | सोमवार को Social Media पर सराज घाटी के बड़ादेव भगवान विष्णु मतलोड़ा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें कारदार और श्रद्धालु बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा जी को भारी बरसात में ढिंगडी खड्ड के बीचोंबीच कंधे पर उठाकर ले जा रहे होते हैं. बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा कारदारों व श्रद्धालुओं सहित गामन रहे थे. इस दौरान रास्ते में ढिंगडी खड्ड जो लगभग 4 फुट गहरी 22 फुट लंबी है, जिसे कारदारों व श्रद्धालुओं ने पार कर भगवान विष्णु मतलोड़ा को उनके गंतव्य तक पहुंचाया.
बता दें कि हर देवी देवता का अपना एक इतिहास होता है, जिस कारण आज भी लोगों में इनकी आस्था बनी हुई है. बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है, जिन्हें सराज में बड़ादेव के नाम से जाना जाता है. अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में भी बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा अपना विशेष स्थान रखते हैं. सराज घाटी के बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा देव व मानस मिलन के अनूठे संगम शिवरात्रि महोत्सव में हर वर्ष पहुंचते हैं और इसकी शोभा बढ़ाते हैं.
भगवान विष्णु मतलोड़ा सराज घाटी में बड़ादेव के नाम से जाने जाते हैं|
गौरतलब है कि इस स्थान को लेकर लोगों में गहरी आस्था है. यहां गहरी खड्ड को देखकर भी कारदार व श्रदालु बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा को कंधे पर उठाकर खड्ड को पार कराते हैं. भगवान विष्णु मतलोड़ा को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है. भगवान विष्णु मतलोड़ा सराज घाटी में बड़ादेव के नाम से जाने जाते हैं. इसी आस्था से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु बड़ादेव की सवारी को दुर्लभ रास्ते खड्ड को पार कराते हुए गंतव्य तक ले जा रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *