APMC के बैरियर पर अवैध वसूली: मार्केट-फीस 180 पेटी की काटी, रिसीद 92 की थमाई; बागवान ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, कमेटी ने बिठाई जांच

APMC के बैरियर पर अवैध वसूली: मार्केट-फीस 180 पेटी की काटी, रिसीद 92 की थमाई; बागवान ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, कमेटी ने बिठाई जांच

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शिमला2 घंटे पहले

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कृषि उपज विपणन समिति (APMC) शिमला-किन्नौर के बैरियर पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। नगर निगम (MC) शिमला के पूर्व महापौर संजय चौहान ने APMC के नेरीपुल बैरियर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। उन्होंने राज्य के मार्केटिंग बोर्ड के MD से इस संबंध में इसकी शिकायत की है।

शिकायत में संजय चौहान ने कहा कि बैरियर पर बागवानों से जबरन वसूली की जा रही है। उन्होंने बीते 11 सितंबर को 180 पेटी सेब दो पिकअप गाड़ियों में परवाणू मंडी के लिए भेजा। दोनों गाड़ियां छैला से यशवंतनगर होते हुए परवाणू भेजी गई। नेरीपुल में APMC के बैरियर पर दोनों गाड़ियों को पूछताछ के लिए रोका गया।

180 पेटी की फीस काटी, रिसीद 92 बॉक्स की दी

पिकअप चालक ने बैरियर पर मौजूद कर्मचारी से बागवान का चालान बिल्टी और उद्यान कार्ड दिखाया, क्योंकि APMC एक्ट में बागवान से मार्केट फीस लेने का प्रावधान नहीं है

शिकायतकर्ता के अनुसार, बैरियर पर मौजूद कर्मचारियों ने दस्तावेज दिखाने के बावजूद दोनों गाड़ियों में लदे 180 पेटी सेब की 3 रुपए के हिसाब से 540 रुपए मार्केट फीस काट ली है, जबकि रसीद मात्र 92 पेटी की 276 रुपए थमाई गई। 88 पेटी की रसीद नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस तरह से बैरियर पर अवैध वसूली की जा रही है।

पहले भी बैरियर पर अवैध वसूली के लगते रहे आरोप

संजय चौहान ने कहा कि अवैध वसूली का यह पहला मामला नहीं है। अन्य बागवानों के साथ भी APMC शिमला-किन्नौर के बैरियर पर इस तरह की अवैध वसूली की जा रही है। APMC एक्ट में मार्केट फीस केवल आढ़तियों, लदानियों, फॉर्वडिंग एजेंट से लेने का प्रावधान है।

बागवान से मार्केट फीस नहीं ली जा सकती। बावजूद इसके मार्केट फीस लेना कई सवाल खड़े कर रहा है। APMC पर पहले भी इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे है। संजय चौहान ने बैरियर पर मौजूद कर्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

8-10 सालों से वहीं कर्मचारी बैरियर पर

सूत्रों की मानें तो APMC शिमला-किन्नौर ने आठ-10 साल से तीनों बैरियर पर कर्मचारी नहीं बदले हैं। सीनियर एसिस्टेंट, ऑक्शन रिकॉर्डर जिनका काम मंडियों और दफ्तर में हैं, उन्हें जान-बूझकर बैरियर पर लगाया गया है, जबकि इस काम के लिए MTW, डाटा ऑपरेटर व दूसरा स्टाफ जा सकता है। इससे संदेह और गहरा जाता है।

शिकायत पर बिठाई गई जांच, कार्रवाई होगी: सचिव

APMC शिमला-किन्नौर के सचिव देवराज कश्यप ने बताया कि शिकायत पर उन्होंने जांच बिठा दी है। जांच में आरोप सही पाएगए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो कर्मचारी सालों से बैरियर पर तैनात हैं, उन्हें बदला जाएगा।

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