हिमाचल CM के आदेश नहीं मानते मंत्री: कांग्रेस कार्यालय में नहीं बैठ रहे; सचिवालय में भी कम आते हैं नजर, पार्टी कार्यकर्ता व जनता परेशान

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शिमला2 घंटे पहले

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हिमाचल के कैबिनेट मंत्रियों को अपने ही मुख्यमंत्री के आदेशों की परवाह नहीं है। दरअसल, CM सुखविंदर सुक्खू ने निर्देश दिए थे प्रत्येक महीने एक-एक मंत्री बारी-बारी से कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में बैठेगा, ताकि पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता को अपनी समस्याएं सरकार के समक्ष रखने का प्लेटफॉर्म मिल सके। मगर, पांच महीने बीत गए। इन आदेशों पर अमल नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू बीते 2 मार्च को खुद कांग्रेस कार्यालय में बैठे और पार्टी कार्यकर्ताओं व आम लोगों की समस्याओं को सुना। तब उन्होंने मंत्रियों को बारी-बारी कांग्रेस कार्यालय में बैठाने का ऐलान किया था और कहां था कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मंत्रियों की ड्यूटी लगाएगी।

पांच महीने बीतने के बाद भी कोई मंत्री राजीव भवन में नहीं बैठें। इससे सरकार और संगठन में आपसी तालमेल को लेकर भी सवाल उठने लगे है।

सचिवालय में बैठने से भी गुरेज

आलम यह है कि कुछ मंत्री तो सचिवालय में भी बैठने से गुरेज कर रहे हैं और केवल कैबिनेट मीटिंग के लिए सचिवालय आते हैं। इससे प्रदेश के कोने-कोने से विभिन्न काम को लेकर सचिवालय आने वाले लोग निराश होकर वापस लौटते हैं। मंत्रियों के रूटीन में सचिवालय में नहीं बैठने से संबंधित विभागों की फाइलें कई-कई दिन तक मंत्रियों के टेबल पर पड़ी रहती है।

सरकार बने हुए एक साल भी नहीं हुआ। अभी से मंत्रियों का सचिवालय में नहीं बैठना अच्छा संकेत नहीं है। सचिवालय के गलियारों में मंत्रियों के नहीं बैठने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है, क्योंकि मंत्रियों के गायब होने का अफसरशाही भी फायदा उठाती है। इससे कई अफसर भी अपनी सीट पर नहीं मिलते।

अभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मंत्री

यह सही है कि इन दिनों मंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जनता के बीच उनका दुख-दर्द सुन रहे है। मगर, अप्रैल से 10 जुलाई के बीच प्रदेश में हालात सामान्य थे, उस दौरान भी कोई मंत्री पार्टी कार्यालय में नहीं बैठा और सचिवालय में भी बिरला ही कुछ मंत्री नजर आए।

कांग्रेस कार्यालय में इसलिए जरूरी

प्रदेश सचिवालय में हर व्यक्ति मंत्री से आसानी से मुलाकात नहीं कर पाता, क्योंकि सचिवालय में बिना एंट्री पास के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाता। ऐसे में यदि मंत्री कांग्रेस कार्यालय में बैठेंगे तो जनता आसानी से अपनी समस्याएं सरकार के समक्ष उठा पाएगी। खासकर पार्टी के नाराज कार्यकर्ता सरकार के समक्ष अपना दुख दर्द साझा कर पाएंगे।

सुक्खू सरकार में ये मंत्री

सुक्खू कैबिनेट में डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री समेत 8 मंत्री धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह व विक्रमादित्य सिंह हैं। इनके दफ्तर में बैठकर समस्याएं सुनने से जनता को अपनी शिकायत सरकार के समक्ष उठाने का मंच मिलेगा।

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