हिमाचल में 4 दिन बारिश से राहत: 5 जिलों में ज्यादा तबाही हुई, मंडी में सबसे अधिक पानी गिरा; साढ़े 7 हजार करोड़ का नुकसान

हिमाचल में 4 दिन बारिश से राहत: 5 जिलों में ज्यादा तबाही हुई, मंडी में सबसे अधिक पानी गिरा; साढ़े 7 हजार करोड़ का नुकसान

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शिमला9 घंटे पहले

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शिमला में रिज मैदान में घुमते लोग। - Dainik Bhaskar

शिमला में रिज मैदान में घुमते लोग।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरवाया है। खासकर मंडी, शिमला, हमीरपुर, कांगड़ा और बिलासपुर जिले में ज्यादा तबाही हुई है। मौसम विभाग की माने तो पिछले सात दिनों के दौरान प्रदेश में नॉर्मल से 111 प्रतिशत ज्यादा बारिश से भीषण तबाही हुई है।

मंडी जिले में नॉर्मल से 317 फीसदी ज्यादा, बिलासपुर में 225 प्रतिशत और शिमला में 191 फीसदी ज्यादा बरसात हुई। इससे हर और तबाही का मंजर है। पहाड़ों की लाइफलाइन कहे जाने वाली 800 से ज्यादा सड़कें, 1135 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 285 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। सड़कें बंद होने से 1800 से ज्यादा रुटों पर तीन दिन से बस सेवाएं बंद पड़ी है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 11 से 17 अगस्त तक प्रदेश में 64 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है। मगर, इस बार 135.1 MM बरसात हुई। इससे जान और माल को भारी नुकसान हुआ है।

तीन-चार दिन भारी बारिश से मिलेगी राहत: डॉ. पाल
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि अगले तीन-चार दिन प्रदेशवासियों को भारी बारिश से राहत मिलने के आसार है। अगले कुछ दिन मानसून की गति कमजोर रहेगी। इस दौरान कुछ एक क्षेत्रों में ही बारिश होगी।

उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह में मंडी जिले में हैवी रेनफॉल हुआ है। अगस्त के आखिरी सप्ताह में मानसून फिर एक्टिव हो सकता है। उन्होंने लैंडस्लाइड और अत्यधिक नमी के कारण पेड़ गिरने की की संभावना को देखते हुए अलर्ट रहने की सलाह दी है।

शिमला के समिट्री-गाहन में लैंडस्लाइड, आधा दर्जन देवदार के पेड़ गिरने से तबाही

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7482 करोड़ की चपत
पहाड़ों पर इस बरसात में 7482 करोड़ रुपए की निजी व सरकारी संपत्ति तबाह हो गई है। बारिश से अकेले जल शक्ति विभाग की 1842.60 करोड़, PWD की 2491.26 करोड़, बिजली बोर्ड की 1505.73 करोड़ रुपए की संपत्ति तबाह हुई है।

1792 घर जमीदोंज
1792 घर पूरी तरह और 8952 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस अ‌वधि में सड़क दुर्घटना, ढांक से गिरने, लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड व बाढ़ की चपेट में आने से 327 लोगों की मौत, 318 लोग घायल और 38 व्यक्ति लापता है।

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