हिमाचल कांग्रेस में सियासी महाभारत के संकेत: विधायक राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा की सोशल मीडिया पर पोस्ट, महाभारत के प्रसंग का जिक्र

हिमाचल कांग्रेस में सियासी महाभारत के संकेत: विधायक राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा की सोशल मीडिया पर पोस्ट, महाभारत के प्रसंग का जिक्र

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शिमला7 घंटे पहले

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सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा - Dainik Bhaskar

सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा

हिमाचल के पूर्व CM प्रेम कुमार धूमल को 2017 के चुनाव में हराने वाले कांग्रेस के दिग्गज एवं विधायक राजेंद्र राणा के एक फेसबुक पोस्ट ने पार्टी के भीतर महाभारत छिड़ने जैसे संकेत दिए है। दरअसल, राजेंद्र राणा का नाम कैबिनेट मंत्री बनने की रेस में अग्रिम पंक्ति में गिना जा रहा है। मगर, मुख्यमंत्री सुक्खू अभी कैबिनेट विस्तार से बच रहे हैं।

राजेंद्र राणा ने अपने फेसबुक पर लिखा कि जो विवादों से दूर रहते हैं, वही दिलों पर राज करते हैं। जो विवादों में उलझ जाते हैं, वे अक्सर दिलों से भी उतर जाते हैं। महाभारत का प्रसंग देखिए: पांडवों ने सिर्फ पांच गांव ही तो मांगे थे और दुर्योधन ने सुई की नोक के बराबर भी जमीन देने से इनकार कर दिया था। एक जिद ने महाभारत रच दिया।

इस पोस्ट से अलग अलग सियासी मायने निकाले जा रहे है। राजनीति के जानकार मानते है कि हिमाचल कांग्रेस में भी सियासी महाभारत छिड़ सकता है, क्योंकि कई दिग्गज मंत्री बनने के सपने देख रहे हैं, तो कुछ कांग्रेस नेता भी विभिन्न बोर्ड-निगमों में तैनाती की बाट जोह रहे हैं।

राजेंद्र राणा का फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

विधायक सुधीर शर्मा भी कूद पड़े
राजेंद्र राणा के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा भी कूद पड़े हैं। वह भी मंत्री बनने के दावेदारों में गिने जा रहे हैं। सुधीर शर्मा ने लिया कि तुलसी नर का क्या बड़ा, समय बड़ा बलवान है। मतलब हुआ कि तुलसीदास जी कहते हैं, समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनाता है।

कैबिनेट में 3 पद खाली
हिमाचल कैबिनेट मंत्री के 3 पद खाली है। इनमें राजेंद्र राणा, राजेश धर्माणी और यादवेंद्र गोमा बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। मगर, क्षेत्रीय संतुलन के कारण राजेंद्र राणा को मंत्री पद से वंचित रहना पड़ सकता है, क्योंकि मुख्यमंत्री और डिप्टी CM दोनों ही हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से है। ऐसे में एक और मंत्री हमीरपुर संसदीय हल्के को देने से क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ेगा।

क्षेत्रीय संतुलन के हिसाब से राजेश धर्माणी के नाम पर कोई अडंगा नहीं है। वहीं कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की बात मानी गई तो यादवेंद्र गोमा का मंत्री बनना भी लगभग तय है।

शिमला जिले के कारण पहले बिगड़ चुका संतुलन
पहले ही शिमला जिले से तीन मंत्री और शिमला संसदीय क्षेत्र से चार मंत्री व दो CPS बनाने के कारण सुक्खू सरकार की आलोचना हुई है। इस वजह से कांगड़ा जिले को अभी कैबिनेट मंत्री मिल पाया है। वहीं कांगड़ा जिले से सुधीर शर्मा, यादवेंद्र गोमा, संजय रत्न में से एक या अधिकतम दो को मंत्री पद मिल सकता है।

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