सेब पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य: बागवानी मंत्री बोले- टेलीस्कोपिक कार्टन पर प्रतिबंध; प्रॉपर्टी की खरीद महंगी, स्टांप ड्यूटी बढ़ाई

सेब पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य: बागवानी मंत्री बोले- टेलीस्कोपिक कार्टन पर प्रतिबंध; प्रॉपर्टी की खरीद महंगी, स्टांप ड्यूटी बढ़ाई

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शिमला10 घंटे पहले

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हिमाचल प्रदेश में अगले सीजन से सेब पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य होगा। ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर द्वारा शनिवार को विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में बागवानी मंत्री जगत नेगी ने कहा कि अगले सीजन से टेलीस्कोपिक कार्टन पर पूर्णत: प्रतिबंध लग जाएगा।

उन्होंने कहा कि सेब वजन के हिसाब से बेचने से बागवानों को फायदा हुआ है। इसे देखते हुए दूसरे राज्यों से भी पत्राचार किया जा रहा है और सेब को किलो में बेचने का आग्रह किया जा रहा है। पड़ोसी राज्य यदि इसे लागू नहीं करते तो वहां के हाईकोर्ट में जाकर भी हिमाचल सरकार लड़ाई लड़ेगी।

उन्होंने कहा कि एक्ट में भी उपज को वजन में बेचने का प्रावधान है। इस निर्णय से इस बार बागवानों को प्रति पेटी 4 हजार रुपए तक के दाम मिले है, जबकि टेलीस्कोपिक कार्टन का फायदा आढ़ती और लदानियों को हो रहा था। इसलिए उनकी सरकार ने सेब को वजन के हिसाब से बेचने का निर्णय लिया।

ठियोग के विधायक को मंत्री का करार जवाब
बागवानी मंत्री जगत नेगी ने अपनी ही पार्टी के MLA एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुलदीप राठौर का यह कहना गलत है कि सेब वजन में बेचने का निर्णय सख्ती से लागू नहीं हो पाया।

आढ़तियों को 22 लाख जुर्माना
जगत नेगी ने कहा कि सभी मंडियों में सेब वजन में बिका है। जिन आढ़तियों ने इन नियमों की अनदेखी की है, उन पर 22 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। APMC के साथ साथ राजस्व विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई कर रहे हैं। शुरू में दिक्कत जरूर आई, क्योंकि आढ़ती इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन अब सेब वजन में बिकने से बागवान भी खुश है।

यूनिवर्सल और टेलीस्कोपिक में अंतर समझिए
जगत नेगी ने कहा कि टेलीस्कोपिक कार्टन में 2 पीस में होते है। उसमें 30 से 35 किलो तक सेब भरा जा सकता है। आढ़ती चाहते हैं कि पेटी में ज्यादा से ज्यादा सेब भरा जाए। इसलिए सरकार ने प्रति पेटी 24 किलो की शर्त लगाई थी। अगले सीजन से अब यूनिवर्सल कार्टन लागू होगा। यह सिंगल पीस होता है। इसमें अधिकतम 23 किलो के आसपास सेब भरा जाएगा।

क्या बोले ठियोग के विधायक

इससे पहले ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर ने यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की मांग की। इससे बागवानों में भ्रम की स्थिति खत्म होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार सेब को किलो के हिसाब से बेचने का निर्णय लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। साथ ही 24 किलो की पैकिंग की शर्त भी लगाई गई, लेकिन यह निर्णय सख्ती से लागू नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि 24 किलो की पैकिंग के निर्णय के बाद हिमाचल के आढ़तियों ने प्रदेश से बाहर पलायन किया है। बागवानों ने भी प्रदेश की मंडियों में सेब देने के बजाय बाहर की मंडियों में सेब भेजा है। इससे राज्य को भी राजस्व के तौर पर नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल कार्टन लागू कर भ्रम की स्थिति को खत्म किया जा सकता है।

भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2023 पारित
विधानसभा ने भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2023 पारित कर दिया है। सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संशोधित एक्ट में महिलाओं के लिए 80 लाख रुपए की संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी 4 फीसदी करने का ऐलान किया।

अब महिलाओं पर 80 लाख की संपत्ति की खरीद पर 4 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगेगी। पुरुषों को 50 लाख से अधिक की संपत्ति पर 8 फीसदी स्टांप ड्यूटी देनी होगी। पहले 50 लाख तक महिलाओं के लिए 4 फीसदी और पुरुषों के 6 फीसदी स्टांप ड्यूटी थी।

सदन में वक्तव्य देते हुए CM सुक्खू

सदन में वक्तव्य देते हुए CM सुक्खू

विपक्ष ने किया विरोध

इससे पहले BJP विधायक रणधीर शर्मा ने सरकार द्वारा लाए गए संशोधन विधेयक में स्टांप ड्यूटी बढ़ाने पर पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले सीमेंट और बिजली की दरें बढ़ाई। अब स्टांप ड्यूटी बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। संशोधित विधेयक में पावर ऑफ अटॉर्नी पर स्टांप डयूटी 100 रुपए की जगह 1000 रुपए यानी दस गुणा बढ़ा दी गई है।

सेटलमेंट पर पहले स्टांप डयूटी 100 रुपए न्यूनतम और अधिकतम 1000 रुपए थी, जिसे अब 2000 रुपए से 5000 रुपए किया गया।

पड़ोसी राज्यों के बराबर की स्टांप डयूटी: नेगी

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। प्रदेश पर पहले ही 75 हजार करोड़ का बोझ है। समाज में स्टांप डयूटी देने वाले कुछ फीसदी लोग हैं। ये वो लोग हैं जिनके पास पैसा है, जो संपत्ति का कारोबार करते हैं।

पावर ऑफ अटॉर्नी पर बिक रही कई संपत्तियां:CM

CM सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि देखने में आया है कि कई ऐसी संपत्तियां हैं, जो पावर ऑफ अटॉर्नी पर ही बिक रही हैं। सरकार ने विधेयक में महिलाओं के लिए संपत्ति में स्टांप ड्यूटी की दर 80 लाख तक 4 फीसदी रखने का संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सरकार के ध्यान में ध्यान में लाया और इसके बाद महिलाओं के लिए 80 लाख तक स्टांप डयूटी 4 फीसदी किया गया है।

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