मणिमहेश में उमड़ा आस्था का सैलाब: डल झील में आज डुबकी लगाएंगे हजारों श्रद्धालु; दोपहर 12:18 बजे तक शाही स्नान का शुभ मुहूर्त

मणिमहेश में उमड़ा आस्था का सैलाब: डल झील में आज डुबकी लगाएंगे हजारों श्रद्धालु; दोपहर 12:18 बजे तक शाही स्नान का शुभ मुहूर्त

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शिमलाएक घंटा पहले

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डल झील में डुबकी लगाते हुए शिव भक्त - Dainik Bhaskar

डल झील में डुबकी लगाते हुए शिव भक्त

उत्तर भारत की पवित्र एवं पावन मणिमहेश यात्रा के हजारों शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी है। शाही स्नान के लिए 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु भरमौर से मणिमहेश के रास्ते में अलग अलग पड़ाव पर पहुंच गए हैं।

शाही स्नान की शुरुआत राधाष्टमी पर पिछले कल दोपहर बाद संचुई गांव के त्रिलोचन महादेव के वंशज व मणिमहेश यात्रा के प्रमुख शिव गुरु ने दोपहर बाद डल झील को पार कर की। शाही स्नान का शुभ मुहूर्त कुल 23 घंटे 18 मिनट का है, जो दोहपर 12:18 बजे तक रहेगा।

डल झील में संचुई गांव के त्रिलोचन महादेव के वंशज व मणिमहेश यात्रा के प्रमुख शिव गुर शाही स्नान का शुरुआत करते हुए

डल झील में संचुई गांव के त्रिलोचन महादेव के वंशज व मणिमहेश यात्रा के प्रमुख शिव गुर शाही स्नान का शुरुआत करते हुए

बेशक शाही स्नान का शुभ मुहूर्त आज पूरा हो रहा है। मगर शिव भक्त अगले कुछ और दिन डल झील में आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह यात्रा आज ही संपन्न हो रही है, लेकिन श्रद्धालु अगले तीन-चार दिन तक यह यात्रा कर सकेंगे।

स्थानीय प्रशासन की माने तो पिछले कल भी डल झील में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। आज भी 40 से 50 हजार श्रद्धालु यहां पहुंच सकते हैं। साल में यह यात्रा एक बार ही होती है। पिछले कल अढ़ाई लाख के करीब श्रद्धालु इस यात्रा पर पहुंचे हैं। आज भी इस यात्रा का शुभ मुहूर्त है।

लिहाजा श्रद्धालुओं के जत्थे आज भी भरमौर से काफी संख्या में मणिमहेश के लिए रवाना हुआ। शाही स्नान का शुभ मुहूर्त कल दोपहर 12:18 मिनट तक है।

मणिमहेश यात्रा को उमड़े शिव भक्त

मणिमहेश यात्रा को उमड़े शिव भक्त

मौसम ने भी साथ दिया

मणिमहेश यात्रा के दौरान इस बार मौसम ने भी साथ दिया है। सात सितंबर से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान दो तीन दिन को छोड़कर अधिकांश दिन मौसम साफ रहा। इससे लोग आसानी से इस यात्रा को कर पाए। अमूमन यहां अधिक ऊंचाई के कारण कभी भी बारिश-बर्फबारी हो जाती है, लेकिन इस बार दो तीन दिन ही हल्की बारिश हुई।

इससे बीच-बीच में हेलीकॉप्टर को उड़ने में परेशानी हुई। ज्यादातर दिन मौसम अनुकूल बना रहा।

घोड़े और हेली टैक्सी से भी कर सकते हैं यात्रा

मणिमहेश यात्रा ज्यादातर श्रद्धालु पैदल करते हैं, मगर जो कुछ श्रद्धालु घोड़ों या हेली टैक्सी से भी इस यात्रा को पूरा करते हैं। घोड़े पर हड़सर से मणिमहेश के लिए लगभग 4400 रुपए चुकाना होगा, जबकि हेली टैक्सी से जाने के लिए 9000 रुपए किराया देना होगा। पैदल भी श्रद्धालु इस यात्रा को पूरा कर सकते हैं।

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