भारत-तिब्बत बॉर्डर को जोड़ने वाला NH-5 फिर बंद: निगुलसरी में सड़क पर गिरी बड़ी चट्टानें; किन्नौर दुनिया से कटा, सैकड़ों पेटी सेब फंसा

भारत-तिब्बत बॉर्डर को जोड़ने वाला NH-5 फिर बंद: निगुलसरी में सड़क पर गिरी बड़ी चट्टानें; किन्नौर दुनिया से कटा, सैकड़ों पेटी सेब फंसा


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शिमलाएक घंटा पहले

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किन्नौर के निगुलसरी में फिर लैंडस्लाइड, सड़क पर आ गई बड़ी-बड़ी चट्टानें

हिंदुस्तान-तिब्बत बॉर्डर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-5 किन्नौर के निगुलसरी में फिर बंद हो गया। मंगलवार शाम के वक्त यहां पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गई। जिससे समूचे किन्नौर जिले का एक बार फिर से शेष देश दुनिया से संपर्क कट गया है। इस रोड को 11 दिन बंद रहने के बाद शनिवार को ही चालू किया गया था। अब 4 दिन बाद दोबारा से रोड बंद हो गया है।

लोक निर्माण विभाग सड़क को बहाल करने में जुटा हुआ है। मगर, पहाड़ी से बार बार गिर रहे पत्थर इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इससे यहां पर वाहनों की आवाजाही भी खतरे से खाली नहीं है।

सड़क बंद होने से आज किन्नौर जिले में दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुएं दूध, दही, ब्रेड, मक्खन, सब्जियों इत्यादि की सप्लाई भी नहीं पहुंच पाई। इससे सड़क किनारे सेब और मटर से लदी कई गाड़ियां भी फंस गई है।

पहले भी 11 दिन बंद रहा, अब दोबारा लैंडस्लाइड

निगुलसरी में बीते 6 और 7 सितंबर को भारी लैंडस्लाइड हुआ था। पहाड़ी का करीब 400 मीटर हिस्सा सड़क पर गिर गया था। सड़क की जमीन भी नीचे धंस गई थी। इससे नए सिरे से मौके पर सड़क बनाई गई थी और युद्ध स्तर पर दिन रात काम करने के बावजूद सड़क को 11वें दिन बीते शनिवार को ही बहाल किया गया था।

सेब बागवान परेशान

अब दोबारा लैंडस्लाइड हुआ है। इससे किन्नौर जिले के लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा परेशान सेब बागवान है, क्योंकि बीते 6 व 7 सितंबर को जब लैंडस्लाइड हुआ था, उस दौरान भी बागवानों ने सेब का तुड़ान रोक दिया था। अब दोबारा सड़क बहाल होने तक तुड़ान रोकना पड़ सकता है।

मटर उत्पादकों को भी सता रही चिंता

किन्रौर जिले के निचले व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इन दिनों सेब के साथ साथ मटर की फसल भी पूरी तरह तैयार है। खासकर मटर को चार पांच दिन देरी से मंडियों में पहुंचा तो इससे सड़ने का डर बना रहता है।

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