चौड़ी सड़कों ने पहाड़ों की नींव हिलाई, जल निकासी बंद, भूस्खलन 6 गुना बढ़ा

चौड़ी सड़कों ने पहाड़ों की नींव हिलाई, जल निकासी बंद, भूस्खलन 6 गुना बढ़ा


शिमला/चंडीगढ़3 घंटे पहले

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कांगड़ा में फंसे लोगों को रेस्क्यू करते जवान।

पहाड़ों में अवैज्ञानिक निर्माण व घटता वन क्षेत्र हिमालय की उम्र घटा रहा है। इसके पहाड़ दरक रहे हैं। हिमाचल इसका उदाहरण है। यहां दो साल में भूस्खलन की घटनाएं 6 गुना बढ़ गई हैं। इस मानसून के 55 दिन में 113 बार भूस्खलन हुआ है। पूरे राज्य में ऐसे क्षेत्र बढ़कर 17120 हो गए हैं। इनमें भी 675 के किनारे इंसानी बस्तियां हैं।

भूवैज्ञानिक विशेषज्ञ प्रो. वीरेंद्र सिंह धर के मुताबिक हिमालय पारिस्थितिक रूप से बहुत नाजुक स्थिति में है। सड़क निर्माण के लिए पहाड़ों की ढलान में अवैज्ञानिक तरीके से कटाई, टनल में धमाके और हाइड्रो प्रोजेक्ट से भूस्खलन बढ़ रहा है। चौड़ी सड़कों के लिए हिमाचल के पहाड़ों को सीधा काटा जा रहा है। इससे पहाड़ों की तलहटी की चट्‌टानें भी काटी जा रही हैं, जिससे जल निकासी की व्यवस्था खत्म हो गई है। नतीजा- हिमाचल में ढलान वाले क्षेत्र भूस्खलन के लिए संवेदनशील हो गए हैं।

हिमाचल की आपदा में मरने वालों का आंकड़ा वीरवार को 330 हो गया। शिमला में कई सरकारी भवन भूस्खलन के खतरे की जद में हैं। वहीं, वीरवार को पंजाब में भाखड़ा बांध से 78 हजार और पौंग से 99895 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इससे सतलुज, ब्यास दरिया उफान पर हैं। बुधवार रात फाजिल्का में छत गिरने से दो और बटाला में बाढ़ का पानी देखने गए दो मौत हो गई। 9 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

3 मानवीय गलतियां… जो हिमाचल में कुदरत के कायदों पर भारी पड़ीं

अवैज्ञानिक निर्माण…

पहाड़ों को सीधा काटा, इसमें चट्‌टानों की नींव भी कट गईं।

पानी रुक गया…

ढलान खत्म होने से पानी बह नहीं रहा, सीधे पहाड़ों में बैठ रहा

बहाव पर अतिक्रमण…

पानी के बहाव पर बस्तियां बस गईं, निकासी का रास्ता बंद

21 तक मानसून वीक, तापमान बढ़ेगा

पंजाब में 21 अगस्त तक माैसम गर्मी वाला रहेगा। हालांकि बीच-बीच में एक-दो जगहों पर बूंदाबांदी होने के आसार हैं। अगस्त के दूसरे सप्ताह में 58% कम बारिश हुई है। वहीं हिमाचल में मानसून 2 दिन सामान्य रहने के बाद फिर एक बार एक्टिव होगा।

हिमाचल में बन रही 27 सुरंगें

हिमाचल में 68 सुरंगें बन रही हैं। इनमें 11 बन चुकी हैं, 27 निर्माणाधीन हैं और 30 विस्तृत परियोजना की रिपोर्ट तैयार हो रही हैं। इनमें कई प्रोजेक्ट केंद्र के हैं। इससे राज्य में भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्र बढ़ेंगे।

2020 में 16 बार ही भूस्खलन

17 राज्यों के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन जोखिम वाले 147 जिले हैं। हिमाचल राज्य आपदा प्रबंधन के मुताबिक राज्य में 2022 में बड़े भूस्खलन की 117 घटनाएं हुईं थीं, जो 2020 में सिर्फ 16 थीं। 17120 भूस्खलन वाले इलाके हैं।

फ्लड वॉच एप… बाढ़ की बढ़ती घटनाओं की रियल टाइम निगरानी और सूचना के लिए केंद्र सरकार ने फ्लड वॉच एप लॉन्च किया है। ये यूजर्स को 23 राज्यों से मिली बाढ़ की रियल टाइम जानकारी का मैसेज लिखित और ऑडियो रूप में देगा।

1 दिन पहले मां का संस्कार किया, अब पिता का शव मिला

शिमला शिव मंदिर में हुए लैंडस्लाइड में वीरवार को एक और शव बरामद हुआ। ये शव एचपीयू में गणित विभाग के एचअोडी प्रो.पीएल शर्मा का है। दो दिन पहले उनकी पत्नी का शव भी मलबे से निकाला था, जिसका संस्कार किया गया। उनके दूसरे बेटे का सुराग नहीं लग पाया।



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