कुदरत ने ढहाया घर, अब नौकरी भी गई: पिता को 3 बेटियों के पालन-पोषण की चिंता, हिमाचल में आउटसोर्स कर्मियों का झलका दर्द

कुदरत ने ढहाया घर, अब नौकरी भी गई: पिता को 3 बेटियों के पालन-पोषण की चिंता, हिमाचल में आउटसोर्स कर्मियों का झलका दर्द

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शिमलाएक घंटा पहले

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सीटू के बैनर तले शिमला में DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए IGMC से हटाए गए कर्मचारी - Dainik Bhaskar

सीटू के बैनर तले शिमला में DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए IGMC से हटाए गए कर्मचारी

​​​​​​हिमाचल के रोहड़ू के बरासली गांव के कोरोना वॉरियर्स उत्तम सिंह का कुदरत ने पहले घर तहस-नहस किया, अब नौकरी चला गई। उत्तम सिंह का अब रो-रो कर बुरा हाल है। उन्हें अपनी 11, 13 व 15 साल की तीन बेटियों की पढ़ाई की चिंता हो रहा है। ऊपर से रहने के लिए छत्त भी नहीं बचा। अभी वह महिला मंडल भवन में रह रहे हैं।

कमोवेश यही हाल नौकरी से हटाए अन्य 1844 आउटसोर्स कर्मचारियों का भी है। विभाग से हटाए गए कोरोना वॉरियर की आंखे भी नम हैं। तीन साल से अधिक की नौकरी के बाद इन्हें घर बैठा दिया गया है। इस बीच IGMC प्रशासन ने 31 सुरक्षा कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर ली है। इनकी सेवाओं को बिना नोटिस के समाप्त किया गया है।

DC ऑफिस शिमला के बाहर प्रदर्शन करते हुए नौकरी से हटाए गए IGMC के आउटसोर्स कर्मचारी

DC ऑफिस शिमला के बाहर प्रदर्शन करते हुए नौकरी से हटाए गए IGMC के आउटसोर्स कर्मचारी

इससे नाखुश कर्मचारियों ने सोमवार को DC ऑफिस के बाहर सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया और सेवाएं बहाल नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इससे पहले सरकार के अपने 10 महीने के कार्यकाल में विभिन्न विभागों से लगभग 4 हजार आउटसोर्स कर्मचारी हटा चुकी है।

5 लाख नौकरी देने का किया था वादा
सत्ता में आने के लिए कांग्रेस ने चुनाव के वक्त 5 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया। इन 10 महीने में अब तक नाम मात्र रोजगार दिया गया। मगर आउटसोर्स पर लगे लोगों को नौकरी से हटाया जरूर जा रहा है।

भाजपा ने सुक्खू सरकार को घेरा
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कोरोना वॉरियर को नौकरी से हटाने को लेकर सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है। BJP प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि कोरोना के टाइम में जब परिवार के लोग ही अपनों को भूल गए थे, उस दौरान कोरोना वॉरियर ने लोगों की सेवा की। अब इन्हें बेरोजगार बनाकर घर बैठाया जा रहा है।

विधानसभा में भी आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष में नोकझोंक हो चुकी है। सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी नीड बेस्ड दी जाएगी।

6 महीने से नहीं दिया मानदेय
हिमाचल कोरोना आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष अंजलि भारद्वाज ने कहा कि कोरोना के समय में सरकार ने स्टाफ नर्सें, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट, कुक और चालकों की नियुक्ति की थी। बिना अवकाश के कर्मचारियों ने दिन-रात सेवाएं दी। कोरोना काल में गांव-गांव जाकर लोगों को जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के अस्पतालों में सेवाएं देने के बावजूद कोरोना आउटसोर्स कर्मचारियों को 6 महीने से वेतन तक नहीं मिला है। यह मामला भी सरकार के ध्यान में लाया गया है। मगर आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यूनियन मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर उन्हें नौकरी से न निकालने की गुहार लगाएगी।

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