कांगड़ा से 5 लोग एयरलिफ्ट: ​​​​​​​बड़ा भंगाल में फंसी थी पशुपालन विभाग की टीम और एक व्यक्ति; घायल टांडा में भर्ती, सरकार का जताया आभार
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कांगड़ा से 5 लोग एयरलिफ्ट: ​​​​​​​बड़ा भंगाल में फंसी थी पशुपालन विभाग की टीम और एक व्यक्ति; घायल टांडा में भर्ती, सरकार का जताया आभार


धर्मशाला6 घंटे पहले

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बड़ा भंगाल से लोगों को रेस्क्यू करने के लिए लैंड करता चॉपर।

हिमाचल सरकार और कांगड़ा जिला प्रशासन ने बड़ा भंगाल में फंसे पशुपालन विभाग की टीम के 4 लोगों तथा गहरी खाई में फंसे एक व्यक्ति का वायुसेना की मदद से सफल रेस्क्यू किया है। सभी को उपचार के लिए टांडा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यह जानकारी कांगड़ा उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि बड़ा भंगाल में पशुओं के उपचार के लिए गई पशुपालन विभाग की टीम गई थी।

घायल हुकम सिंह को इलाज के लिए लेकर जाते परिजन।

घायल हुकम सिंह को इलाज के लिए लेकर जाते परिजन।

सैटेलाइट फोन से जिला प्रशासन को स्वास्थ्य खराब होने तथा पुलियों के निर्माण में लगे व्यक्ति के खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से भारतीय वायु सेना से संपर्क साधा तथा बुधवार सुबह सहारनपुर से वायुसेना के 2 चॉपर कांगड़ा एयरपोर्ट से बड़ा भंगाल के लिए रवाना किए गए। सबको वहां से सुरक्षित कांगड़ा एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया।

बड़ा भंगाल से रेस्क्यू की गई पशुपालन विभाग की टीम।

बड़ा भंगाल से रेस्क्यू की गई पशुपालन विभाग की टीम।

लंपी वायरस के सिलसिले में बड़ा भंगाल गई थी टीम
जिलाधीश ने बताया कि बड़ा भंगाल में पशुओं में लंपी वायरस होने की सूचना मिलने पर पहली अगस्त को जिला प्रशासन ने वेटरनरी टीम को वहां भेजा था। इसमें डॉ सचिन सूद, फार्मासिस्ट विनय कुमार, कुलदीप कुमार तथा सहायक मदन कुमार को वाया चंबा रवाना किया गया। इस टीम ने 4 अगस्त को बड़ा भंगाल में पशुओं का उपचार आरंभ किया। 170 पशुओं का टीकाकरण किया तथा लगभग 50 पशुओं का उपचार किया। 7 अगस्त शाम को पशुपालन विभाग की टीम ने सैटेलाइट के माध्यम से जिला प्रशासन को स्वास्थ्य खराब होने के बारे में सूचना दी।

घायल हुकम सिंह को हेलिकॉप्टर से उतारकर ले जाते लोग।

घायल हुकम सिंह को हेलिकॉप्टर से उतारकर ले जाते लोग।

निर्माण कार्य के दौरान चोटिल हुआ था हुकम सिंह
बड़ा भंगाल के रहने वाले 48 वर्षीय हुकम सिंह गांव में अस्थायी लकड़ी के पुल का निर्माण करने के दौरान उससे फिसल कर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उपायुक्त ने बताया कि इस बाबत वहां गई पशु चिकित्सकों की टीम ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से जिला प्रशासन को अवगत करवाया। स्थानीय लोगों ने हुकम सिंह को रेस्क्यू करने और उनके उपचार के लिए जिला प्रशासन से आग्रह किया। उपायुक्त ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने भारतीय वायुसेना को संपर्क करके हुकम सिंह को रेस्क्यू करने के लिए भी सहयोग मांगा।

टांडा अस्पताल में उपचाराधीन घायल हुकम सिंह।

टांडा अस्पताल में उपचाराधीन घायल हुकम सिंह।

आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्क प्रशासन
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह से सतर्क है तथा मानसून सीजन में जिला तथा उपमंडल स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम खुले रखे गए हैं, ताकि आपदा प्रबंधन को लेकर तत्काल प्रभाव से कार्य किया जा सके। गत 18 जुलाई को इंदौरा उपमंडल के घंडारा तथा म्यानी में ब्यास नदी में फंसे लोगों को कड़ी मशक्कत के साथ रातभर 9 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 55 के करीब लोगों को NDRF की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है।

घायल को बड़ा भंगाल से रेस्क्यू करके गग्गल लाया गया।

घायल को बड़ा भंगाल से रेस्क्यू करके गग्गल लाया गया।

सरकार का जताया आभार
रेस्क्यू की गई पशुपालन विभाग की टीम ने बड़ा भंगाल से एयरलिफ्ट करके गग्गल पहुंचाने पर आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के दौरान हर हिमाचलवासी का ख्याल रखा है। इससे पहले भी चंद्रताल लेक तथा अन्य जगहों पर फंसे लोगों को सकुशल सुरक्षित निकाला गया है।

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